Ankit Baliyan Murder Latest Update: हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की शामली में जिम के बाहर हुई सनसनीखेज हत्या के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हत्या के एक दिन बाद सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट सामने आया है, जिसमें गोगी गैंग के नाम से इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। पोस्ट में अंकित बालियान पर गैंग के विरोधियों का साथ देने और गैंगस्टर जितेंद्र गोगी से जुड़ी एक घटना पर गाना बनाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, यह बेहद महत्वपूर्ण है कि शामली पुलिस अभी इस सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की जांच कर रही है। यानी फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि अंकित की हत्या वास्तव में गोगी गैंग ने ही कराई है। पुलिस यह भी जांच रही है कि पोस्ट किसने जारी की और क्या उसका हत्या में शामिल लोगों से कोई सीधा संबंध है। (News Network Today)
गोगी गैंग ने कैसे ली अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी?
अंकित बालियान की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई। रिपोर्टों के अनुसार इस पोस्ट में गोगी गैंग के भोलू शाहपुरिया, सोनीपत के नाम से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया।
कथित पोस्ट में आरोप लगाया गया कि अंकित गैंग के दुश्मनों के संपर्क में थे। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि अंकित ने गैंगस्टर जितेंद्र गोगी से जुड़ी एक घटना पर गाना बनाया था और विरोधी पक्ष की आपराधिक गतिविधियों में सहयोग कर रहे थे।
पुलिस इस दावे की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से यह पुष्टि नहीं की गई है कि पोस्ट वास्तव में गोगी गैंग से जुड़ी है या किसी अन्य व्यक्ति ने गैंग का नाम इस्तेमाल कर इसे वायरल किया है।
पुलिस के लिए सोशल मीडिया पोस्ट क्यों अहम है?
अंकित की हत्या के पीछे का मकसद अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में जिम्मेदारी वाले इस पोस्ट से पुलिस को संभावित मोटिव और पुरानी दुश्मनी की दिशा में सुराग मिल सकता है।
शामली पुलिस कथित पोस्ट के अलावा CCTV फुटेज, हमलावरों की पहचान, घटना के समय मौजूद लोगों के बयान और अंकित की पुरानी गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अंकित को पहले से किसी तरह की धमकी मिली थी और क्या हत्या के पीछे कोई पुराना विवाद था।
कौन था जितेंद्र गोगी?
जिस गैंग के नाम से अंकित हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने वाला पोस्ट सामने आया है, उसका नाम दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी से जुड़ा रहा है।
जितेंद्र गोगी दिल्ली और आसपास के इलाकों में सक्रिय एक संगठित आपराधिक गिरोह का सरगना था। पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्टों में उसके गिरोह का नाम हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, डकैती, लूट, अवैध हथियार, कारजैकिंग और जमीन से जुड़े विवादों समेत कई गंभीर मामलों में सामने आया था।
गोगी और उसके प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया के बीच लंबे समय तक चली गैंगवार दिल्ली के सबसे चर्चित आपराधिक संघर्षों में शामिल रही। इस गैंगवार से जुड़े अलग-अलग मामलों में कई लोगों की जान गई
कॉलेज की रंजिश से शुरू हुई थी गोगी-टिल्लू की दुश्मनी
गोगी और टिल्लू ताजपुरिया की दुश्मनी की शुरुआत कथित तौर पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र राजनीति से जुड़े विवाद से हुई थी।
रिपोर्टों के मुताबिक दोनों एक समय एक-दूसरे के करीब थे, लेकिन 2010 के आसपास कॉलेज चुनाव से जुड़ा विवाद धीरे-धीरे व्यक्तिगत दुश्मनी और फिर गैंगवार में बदल गया।
इसके बाद दोनों पक्षों से जुड़े लोगों पर हमले होने लगे। एक हत्या के बाद दूसरी हत्या और फिर उसके बदले में हमला—इस सिलसिले ने कई वर्षों तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में हिंसा को बढ़ावा दिया।
Times of India की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार गोगी-टिल्लू संघर्ष से जुड़े मामलों में 25 से 30 हत्या और हत्या के प्रयास तक का उल्लेख किया गया था। इस संघर्ष में कई ऐसे लोग भी प्रभावित हुए जो सीधे तौर पर गैंगवार का हिस्सा नहीं थे
किन-किन अपराधों में गोगी गैंग का नाम सामने आया?
गोगी गैंग का आपराधिक इतिहास काफी लंबा बताया गया है। अलग-अलग पुलिस मामलों और रिपोर्टों में इस नेटवर्क का नाम कई गंभीर अपराधों में सामने आया।
1. हत्या और हत्या के प्रयास
पुलिस रिकॉर्ड में गोगी और उसके सहयोगियों के खिलाफ हत्या तथा हत्या के प्रयास के कई मामले दर्ज होने की बात सामने आई थी।
2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार, गोगी के खिलाफ MCOCA कार्रवाई से जुड़े दस्तावेजों में हत्या और हत्या के प्रयास के 19 मामले बताए गए थे। इसके अलावा रंगदारी, डकैती, कारजैकिंग और लूट से जुड़े मामले भी सामने आए थे।
2. रंगदारी वसूली
गोगी गैंग पर कारोबारियों और अन्य लोगों से रंगदारी मांगने के आरोप भी लगते रहे।
पुलिस रिकॉर्ड से जुड़े मामलों में गिरोह द्वारा संगठित तरीके से रंगदारी वसूलने के आरोप सामने आए थे। 2026 में भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में गोगी गैंग से जुड़े बताए गए लोगों पर कथित रंगदारी की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तारी की खबर सामने आई है।
एक अन्य मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया था कि एक कारोबारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने की साजिश में गोगी गैंग से जुड़े लोगों का इस्तेमाल किया गया।
3. डकैती और लूट
गोगी और उसके नेटवर्क से जुड़े मामलों में डकैती और लूट के आरोप भी दर्ज रहे हैं। पुलिस दस्तावेजों के अनुसार गिरोह की गतिविधियां केवल हत्या तक सीमित नहीं थीं, बल्कि आर्थिक अपराध भी इसके नेटवर्क का हिस्सा रहे |
4. कारजैकिंग
गोगी गैंग पर कारजैकिंग यानी हथियार के बल पर वाहन छीनने के आरोप भी सामने आए। दिल्ली पुलिस से संबंधित रिपोर्टों में इसे गिरोह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल बताया गया है।
5. जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद
गोगी का नाम जमीन कब्जाने और प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों में भी सामने आया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अपराध की दुनिया में आने से पहले वह प्रॉपर्टी के कारोबार से भी जुड़ा था। बाद में उसके नेटवर्क पर जमीन से जुड़े आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप लगे।
6. अवैध हथियार
गोगी गैंग की गतिविधियों में हथियारों का इस्तेमाल प्रमुख रूप से सामने आया। पुलिस कार्रवाई में गोगी और उसके सहयोगियों से हथियार बरामद होने की जानकारी भी सामने आई थी।
दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक गोगी के खिलाफ MCOCA से जुड़े मामले में हथियारों और आपराधिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों का भी उल्लेख था।
हरियाणवी सिंगर हरशिता दहिया हत्याकांड से भी जुड़ा था गोगी का नाम
गोगी गैंग का नाम इससे पहले हरियाणवी लोक गायिका हरशिता दहिया की हत्या के मामले में भी सामने आ चुका है।
2017 में हरशिता दहिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद की पुलिस जांच में गोगी और उसके नेटवर्क से इस हत्याकांड का संबंध सामने आने की रिपोर्टें प्रकाशित हुई थीं।
इस मामले में बताया गया था कि हरशिता एक हत्या के मामले से जुड़े व्यक्ति के खिलाफ महत्वपूर्ण गवाह थीं। पुलिस जांच में गोगी पर उनकी हत्या में भूमिका होने का आरोप लगाया गया था।
हालांकि अंकित बालियान की हत्या और हरशिता दहिया हत्याकांड के बीच अभी कोई आधिकारिक संबंध सामने नहीं आया है। दोनों मामलों का उल्लेख केवल इसलिए किया जा रहा है क्योंकि गोगी का नाम पहले भी हरियाणवी कलाकार की हत्या के मामले में जांच के दौरान सामने आया था।
गोगी की मौत के बाद भी खत्म नहीं हुआ गैंग?
जितेंद्र गोगी को 24 सितंबर 2021 को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
उस दिन दो हमलावर वकील के भेष में कोर्ट परिसर में पहुंचे और उन्होंने गोगी पर गोलीबारी की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर भी मारे गए।
गोगी की मौत के बावजूद उसके नाम से जुड़ा आपराधिक नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। 2026 की रिपोर्टों में भी उसके नाम से जुड़े लोगों और कथित नेटवर्क की आपराधिक गतिविधियों का जिक्र मिलता है।
इसी वजह से अंकित बालियान हत्याकांड में गोगी गैंग के नाम से सामने आए कथित पोस्ट को पुलिस गंभीरता से जांच रही है।
गोगी और टिल्लू गैंग की दुश्मनी कितनी खूनी थी?
गोगी और टिल्लू ताजपुरिया की गैंगवार दिल्ली के आपराधिक इतिहास में लंबे समय तक चर्चा में रही।
दोनों गैंगों के बीच दुश्मनी में एक के बाद एक हत्याएं और हमले हुए। गोगी की मौत के बाद भी यह संघर्ष पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।
टिल्लू ताजपुरिया की भी 2023 में तिहाड़ जेल के अंदर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले दोनों गैंगों के बीच कई वर्षों तक हिंसक संघर्ष चलता रहा था।
क्या अंकित बालियान की हत्या गैंगवार का हिस्सा थी?
अभी इसका आधिकारिक जवाब नहीं है।
यह जरूर है कि हत्या के बाद सामने आए कथित सोशल मीडिया पोस्ट में पुरानी दुश्मनी और गोगी गैंग से जुड़े विवाद का जिक्र किया गया है।
लेकिन पुलिस अभी इसकी पुष्टि कर रही है। पुलिस के सामने यह पता लगाना सबसे महत्वपूर्ण है कि—
- पोस्ट किस व्यक्ति ने बनाई?
- पोस्ट वास्तव में गोगी गैंग से जुड़ी है या नहीं?
- पोस्ट में बताए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है?
- अंकित का वास्तव में किसी गैंग या उसके विरोधियों से कोई संपर्क था या नहीं?
- हत्या करने वाले चार लोगों की पहचान क्या है?
- क्या हमलावरों को किसी गैंग ने सुपारी दी थी?
- क्या हत्या के पीछे कोई पुरानी व्यक्तिगत या आपराधिक रंजिश थी?
इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही हत्या की पूरी तस्वीर साफ होगी।
अंकित की हत्या में चार हमलावरों की तलाश
अंकित बालियान की हत्या के मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार हमलावर मोटरसाइकिलों पर पहुंचे थे और जिम से बाहर निकलने के दौरान अंकित को निशाना बनाया गया।
हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की और वारदात के बाद फरार हो गए। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही है।
अंकित की हत्या के बाद उनके परिवार और समर्थकों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सबसे बड़ा सवाल: क्या वायरल पोस्ट ही हत्या की असली वजह बताएगी?
अंकित बालियान हत्याकांड में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण कड़ी वही सोशल मीडिया पोस्ट है, जिसमें गोगी गैंग के नाम से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है।
अगर पुलिस जांच में यह पोस्ट वास्तविक पाई जाती है और इसके पीछे मौजूद लोगों का हमलावरों से संबंध साबित होता है, तो हत्या के पीछे की साजिश का बड़ा हिस्सा सामने आ सकता है।
लेकिन अगर पोस्ट फर्जी या जांच को भटकाने के लिए बनाई गई साबित होती है, तो पुलिस को हत्या की दूसरी वजहों पर ध्यान देना होगा।
इसलिए फिलहाल गोगी गैंग को अंकित बालियान की हत्या का जिम्मेदार घोषित करना सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना ही कहा जा सकता है कि गोगी गैंग के नाम से हत्या की जिम्मेदारी का दावा सामने आया है और पुलिस उसकी जांच कर रही है
अंकित बालियान हत्याकांड ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा से जुड़े गैंग नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस गोगी गैंग के नाम से हत्या की जिम्मेदारी का दावा किया गया है, उसका इतिहास हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, डकैती, लूट, अवैध हथियार और प्रॉपर्टी विवाद जैसे गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है।
लेकिन अंकित बालियान की हत्या में इस गैंग की वास्तविक भूमिका अभी जांच का विषय है। पुलिस की जांच, CCTV फुटेज, कथित पोस्ट की फोरेंसिक जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हत्या किसने कराई और इसके पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
